बिहार

विपक्षी एकता को भानूमति का कुनबा बता गए चिराग पासवान: राजगीर में कहा- भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी योजना है, नीतीश कुमार की 7 निश्चय योजना



पटना31 मिनट पहले

पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं को राजगीर में संबोधित करते चिराग पासवान।

2024 के लोकसभा चुनाव में नीतीश कुमार को प्रधानमंत्री पद का उम्मिदवार बनाने के लिए जदयू के नेता अभियान चला रहे हैं। राजद सुप्रीमो भी इस बात पर अपनी हामी भर चुके हैं। नीतीश कुमार दिल्ली जाकर विपक्ष के नेताओं को एकजुट करने में लगे हैं। इसे लेकर लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के मुखिया और जमुई सांसद चिराग पासवान ने एक बार फिर से मुख्यमंत्री के ऊपर बड़ी टिप्पणी कर दी है। वो भी उनके नालंदा में। जो नीतीश कुमार का गृह जिला है। चिराग ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हए कहा कि बिहार में अपराध बढ़ा हुआ है। अपराध पर लगाम लगाने और अपराधियों को पकड़ने के बजाए वो दिल्ली के दरबार में अपनी हाजिरी लगा रहे हैं। ताकि वो प्रधानमंत्री पद के दावेदार बन जाएं।

बनने से पहले ही बिखड़ जाती है विपक्षी एकता

अपना अनुभव बताते हुए चिराग ने कहा कि विपक्षी एकता एक भ्रम मात्र का रह गया है। बार-बार जब विपक्ष एक साथ आने का प्रयास करता है। जब मंच पर विपक्ष के नेता हाथ मिलाकर एक-दूसरे के साथ खड़े होते हैं तो एक साथ एक दर्जन नेता प्रधानमंत्री के दावेदार के रूप में दिखाई देते हैं। प्रधानमंत्री पद के लिए जो आपसी रस्साकसी है, जो दावेदारी है। वो विवादों वाली है। जब नीतीश जी अपने स्वर बुलंद करेंगे तो पड़ोसी राज्य बंगाल से ममता बनर्जी और उनके नेता भी अपनी आवाज बुलंद करेगे। दिल्ली में अरविंद केजरीवाल भी कोई कसर नहीं छोड़ रहे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को टक्कर देने के लिए वो अब गुजरात तक पहुंच गए। ऐसे में विपक्षी एकता का होना मुमकिन नहीं लगता है। ये भानूमति का ऐसा कुनबा है जो बनता बाद में और बिखड़ता पहले है।

इनकी योजना पर विश्वास नहीं

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के 7 निश्चय योजना पर चिराग पासवान को विश्वास नहीं है। राजगीर में चिराग ने स्पष्ट तौर पर कह दिया कि इनके 7 निश्चय योजना से बिहार का कोई विकास होने वाला है। बल्कि ये तो बिहार में भ्रष्टाचार की सबसे बड़ी योजना है। जब भविष्य में इसकी जांच होगी तो ये सबसे बड़ी भ्रष्टाचार वाली योजना मिलेगी। राजद नेता शिवानंद तिवारी के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को आश्रम खोलने और जाने की बात कहने पर चिराग ने कहा कि ये दोनों के बीच टकराव की वजह से हुआ है। क्योंकि, राजद के वरिष्ठ नेता इस बात का सुझाव मुख्यमंत्री को दे रहे हैं। राजद के साथ जदयू की सरकार महत्वकांक्षाओं के लिए बनी है। दरअसल, चिराग पासवान अपनी पार्टी को मजबूत करने में जुटे हैं। इसलिए तीन दिनों का एक खास प्रशिक्षण शिविर का आयोजन राजगीर में किया गया है। गुरुवार को पहला दिन था। शनिवार तक पार्टी का यह कार्यक्रम चलेगा।

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