विदेश

China Taiwan Border Dispute: ताइवान पर हमला करना चीन के लिए नहीं है आसान, ये है वजहें


China Taiwan War: अमेरिका प्रतिनिधिसभा की अध्‍यक्ष नैंसी पेलोसी ताइवान यात्रा पर आई थीं, तब से ही चीन ने ताइवान के आसपास सैन्‍य अभ्‍यास शुरू कर दिए. वैसे तो ताइवान और चीन की तनातनी दशकों से चली आ रही है. लेकिन नैंसी पेलोसी के आने के बाद से साउथ चाइना सी में सरगर्मिया बढ़ गयी हैं. 

पेलोसी के आने के बाद बदला घटनाक्रम 

चीन के हमलों से बचने और उनसे निपटने के लिए ताइवान कोशिश करता आया है. चीन ताइवान के आसपास सैन्य अभ्यास करता रहता है. लेकिन नैंसी पेलोसी के आने के बाद से चीन ने अचानक सैन्य अभ्यास करना शुरू दिया. चीन ने इस बार विमान और आधुनिक हथियारों के साथ अभ्यास शुरू किया. चीन महज ताइवान से लगभग 22 किमी दूरी पर सैन्य अभ्यास कर रहा है. 

ताइवान के लिए जहाजों पर हमला करना है आसान 

चीन ने अगर बड़ी मात्रा में जंगी जहाज उतारे तो समुद्र  में जंगी जहाज और पोत जमा हो जाएंगे. ऐसे में ज्‍यादा मात्रा में जहाज होने का मतलब है कि जहाज की गति धीमी हो जाएगी. ऐसे में ताइवानी आर्टिलरी रॉकेट आसानी से चीन के जहाजों को निशाना बना लेंगे. चीन इन क्षेत्रों में बड़ी रेंज की मिसाइल भी नहीं दाग सकता.  

गोरिल्‍ला से मारने में एक्‍सपर्ट है ताइवान के लोग 

अगर चीन और ताइवान के बीच युद्ध होता है तो समुद्र में चीन के जंगी जहाज होंगे, जो घंटो तक खुले पानी में रहेगी. ताइवान के लोगों को गोरिल्‍ला से लड़ाई करने में महाराथ हासिल है. इसलिए खुले जहाजों में ताइवान से लड़ाई करना चीन के लिए आसान नहीं होगा. 

चीन भी रूस की रणनीति के तहत कर सकता है ताइवान पर हमला 

रूस ने अचानक यूक्रेन पर हमले करके उसकी सैन्‍य ठिकानों को खत्‍म कर दिया था. इसी तरह अगर चीन भी ताइवान पर जल्‍द ही घुसपैठ करके बंदरगाह को अपने कंट्रोल में कर ले तो चीन के लिए आसान होगा. आपको बता दें कि ताइवान की एयरफोर्स मजबूत है. चीन अगर अपने लड़ाकू विमानों से ताइवान की हवाई प्रणाली को खत्‍म कर दे तो ताइवान को अपने कंट्रोल में करना चीन के आसान होगा.

ये ख़बर आपने पढ़ी देश की नंबर 1 हिंदी वेबसाइट Zeenews.com/Hindi पर





Source link

Leave a Reply

Your email address will not be published.